Sunday, 6 August 2017

प्रार्थना (भाग १)

माँ ,मेरे अस्तित्व का आधार बन जा 
मैं जुगनू बन जाता हूँ ,तू रात बन जा। 

तेरे से बिछड़ूँ ,एक पल भी न जी सकूँ मैं 
मैं प्राण बन जाता हूँ ,तू श्वास बन जा।

तेरे साये में रहा हूँ ,रहूं हमेशा 
मैं परिंदा बन जाता हूँ ,तू आसमान बन जा। 

मै बढ़ ना संकू तेरे बिना कहीं 
मैं नाव बनता हूँ ,तू पतवार बन जा। 

तेरे जर्रे -जर्रे में मैं रहूं हमेशा 
मैं ईंट बनता हूँ ,तू मकान बन जा। 

मेरे होंठों पर सदा रहे तेरा जिक्र 
मैं कवि बनता हूँ ,तू कविता बन जा। 

मर कर भी न जुदा हो सकू तुझसे 
मैं भक्त बनता हूँ ,तू भगवान बन जा। 

उदहारण तो बहुत है प्रेम कहानियो के 
पर ऐ माँ ! तू मेरे संग एक मिसाल बन जा 
मैं बच्चा बनता हूँ फिर से 
तू फिर से माँ बन जा।
 
 




 

 

 

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